Saturday, May 30, 2009

एक शिकायत ख़ुद से.

क्यूँ इतनी नफरत थी मुझमें,
क्यूँ इतनी दर्द में जिया मै,
क्यूँ इतनी आग थी मुझे में,
क्यूँ घूट जहर के पिया मैं।

कभी न साथ दिया इस ज़िन्दगी ने,
पर न कभी किसी से शिकवा किया,
दर्द के शोलो पेय चला मैं,
पर हंस कर वो दर्द भी सहा।

खुशी की तलाश में मारा मारा फिरा,
इस तलाश में अपनी,कई बार संभला,कई बार गिरा,
पर न मिली खुशी और न मिले तुम,
एक बार फिर अपनी सवालो के साथ मैं,खड़ा गुमसुम।

अगर तू है कहीं खुदा,
तोह बस इतना सा जवाब देदे,
क्या मुझे नही था हक्क खुश रहने का,
चल,बस मेरे गमो का ही तू हिसाब देदे.
तोह एक श्याम और ढल गई,
तस्वीरे ज़िन्दगी थोडी बदल गई,
सोचा जब कल के बारें में,
तो तबियत थोडी मचल गई।

आदत हो गई थी तुम यूँ,
की यारों से मिलकर ही अत था सुकून,
पर आज जब ख़तम हो रहा एक अध्याय ,
तोह न जाने,कुछ बिचाद जाने की फिकर सता रही क्यूँ?

कुछ थी शिकायते ,कुछ थी बातें,
कुछ तनहा कटी जो रातें,
एक दिल की बात जो उससे कहनी चाही,
पर कुछ खो जाने के डर से जुबान कह न पाई।

पर याद रह जाएँगी ये बातें,
कुछ खट्टी,कुछ मीठी मुलाकातें,
तोह अब बढेंगे कदम,दुन्देंगे नई राहे,
अभी पुरी ज़िन्दगी पड़ी है पसारे अपनी बाहें।

तोह जीना अपनी ज़िन्दगी पूरी तरह,
यही इस दिल की तमन्ना है मेरी,
हंस लेंगे हम भी एक हँसी,
जब याद आयेगी तेरी..

Tuesday, May 5, 2009

Ek naya din,ek naya khayal.....

आज यह दिल कुछ घबराया सा है,
न चाहते हुए भी,यह डर मेरा हमसाया सा है,
चले थे जिन राहोय पेय अकेले हम,
आज भी खुद को कुछ तनहा पाया सा है।

कहें गम से भरी है दिल,
कहीं आंसुओं से नम है आँखें,
कहीं दर्द से भरे है लम्हे,
कहीं इन्तेज़ार से भरी यह आन्हे॥

हर घडी इस दिल में एक ख्याल होता है,
कुछ छूट गया क्या पीछे,बस यही सवाल होता है,
यूँ तो सवाल कई है,पर न जाने क्यूँ दिल इसपे अटका है,
मिल जाये जो जवाब इसका तोह दिल क्या ,जान भी इसपे सजदा है...

पर बहुत तेज़ दौड़ रही है ज़िन्दगी,
और बहुत तेज़ दौड़ रहे है हम,
अन्धो की इस अंधी दौड़ में,
लड़ खडा रहे मेरे कदम...

ज्यादा कुछ नहीं मांगता खुदा से,
बस इतनी सी दुआ मांगता हूँ,
भटक न जाये मेरा दिल कहीं,
इस अंधियारे में,बस वो हसीन सुबह मांगता हूँ........................

Friday, May 1, 2009

वो यार मेरा

उस यार की बेरुखी सही नही जाती,
देता है ऐसा दर्द,की तकलीफ कही नही जाती,
जब चाहा थम लिया हाथ,जब चाहा छोड़ दिया,
जिंदगी के इस सफर में,तुमने मुँह जो मोड़ लिया।

हमने न की शिकायत किसी से,न किया कोई शिकवा,
चलते चले गे इन राहों पेय,कभी न किसी से यह दर्द कहा,
क्या न किया था मैंने,क्या कमीं थी मेरे प्यार में,
ठोकर मारी दिल को मेरे,खड़ा रहा तनहा और लाचार मई।

दिल के इस बाज़ार में मेरा प्यार क्यूँ नीलम किया?,
रोंद दिया दिल को मेरे,और मुझको ही बदनाम किया,
हमनें तोह हंसके सही तेरी यह बेवफाई भी,
खुशी से सही तेरी यह रुसवाई ही भी,
तकलीफ तोह पहले ही था,इस बार बस शकल बदल कर ई थी।

चली गई मुझे छोड़ कर
मेरी राहों से अपना मुँह मोड़ कर,
खुश रहे तू सदा,
यही इस दिल की सदा है,
किया था प्यार मैंने कभी,
शायद यही मेरी सज़ा है।

पर बी ख़ुद से भी किया एक वादा ,
अब कभी न करेंगे प्यार,
कर लिया ,जिनता करना था मैने इंतज़ार,
सह लिया,जितना सहना था ,
अब न करेंगे हम किसी से दरकार,
अब न करेंगे हम किसी से दरकार.................