सोचता हूँ जब मैं, क्या होती है यह ज़िन्दगी,
ख्याल एक हो तोह बताऊँ, कई ब्यान है यह ज़िन्दगी।
कभी बहुत छोटी है ज़िन्दगी,
ठहर कर लम्हे बिताने को,
कभी बहुत लम्बी है यह ज़िन्दगी,
किसी की यादों में गुज़र जाने को,
बहुत तेज़ है कभी यह ज़िन्दगी,
किसी एक की समझ जाने को,
और कभी बहुत धीमी है यह ज़िन्दगी,
हर एक पल का हिसाब लगाने को ।
सख्त भी बहुत यह ज़िन्दगी,
कुछ पल आराम फरमाने को,
नाज़ुक भी बहुत है ज़िन्दगी यह,
किसी का दिल तोड़ जाने को,
सैलाबी भी होती है ज़िन्दगी,
हर लम्हे में कुछ कर दिखाने को,
बहुत मखमली भी होती है ज़िन्दगी,
बाहों में किसी की खो जाने को।
ऐसे तोह न जाने ज़िन्दगी के कितने रंग हैं,
हर पहलू का अलग अंदाज़ है, अलग ढंग है,
कभी हार का दर्द है, कभी जीत का म्रदुंग है,
तोडती है दिल कभी तुम्हारा,
कभी मनाती खुशियाँ तुम्हारे संग है।
अब ऐसे ही ज़िन्दगी बनी हुई एक राज़ है,
किसी के लिए बनी कफ़न है, किसी के लिए लिबास है,
जिसकी बीत गयी यूँही उसकी भी ठीक है,
और जो जान गया इसकासाज़ उसके लिए एक नया आगाज़ है।
ख्याल एक हो तोह बताऊँ, कई ब्यान है यह ज़िन्दगी।
कभी बहुत छोटी है ज़िन्दगी,
ठहर कर लम्हे बिताने को,
कभी बहुत लम्बी है यह ज़िन्दगी,
किसी की यादों में गुज़र जाने को,
बहुत तेज़ है कभी यह ज़िन्दगी,
किसी एक की समझ जाने को,
और कभी बहुत धीमी है यह ज़िन्दगी,
हर एक पल का हिसाब लगाने को ।
सख्त भी बहुत यह ज़िन्दगी,
कुछ पल आराम फरमाने को,
नाज़ुक भी बहुत है ज़िन्दगी यह,
किसी का दिल तोड़ जाने को,
सैलाबी भी होती है ज़िन्दगी,
हर लम्हे में कुछ कर दिखाने को,
बहुत मखमली भी होती है ज़िन्दगी,
बाहों में किसी की खो जाने को।
ऐसे तोह न जाने ज़िन्दगी के कितने रंग हैं,
हर पहलू का अलग अंदाज़ है, अलग ढंग है,
कभी हार का दर्द है, कभी जीत का म्रदुंग है,
तोडती है दिल कभी तुम्हारा,
कभी मनाती खुशियाँ तुम्हारे संग है।
अब ऐसे ही ज़िन्दगी बनी हुई एक राज़ है,
किसी के लिए बनी कफ़न है, किसी के लिए लिबास है,
जिसकी बीत गयी यूँही उसकी भी ठीक है,
और जो जान गया इसकासाज़ उसके लिए एक नया आगाज़ है।