Tuesday, February 15, 2011

तेरी याद आ गयी ,
तोह इसमें मेरी कोई खता नहीं ,
साथ गुजरा ज़माना ला गयी ,
तोह इसमें मेरी कोई खता नहीं.

सोचा तोह यही था,
की भूल जायेंगे तुझे,
पर तेरे प्यार का शायद,
कोई क़र्ज़ चुकाना था मुझे.

तभी तोह आज भी ,
तेरे साथ से ज्यादा तेरी याद सताती है ,
ख़ुशी तोह बाद में आती है,
पहले तेरी याद आती है.

पर चाहे लोग लाख पत्थर मारे मुझे,
तेरे नाम पे न दाग लगने दूंगा,
तब इस दिल को अलग कर दिया था खुद से,
अब इस जिस्म को छोड़ दूंगा.

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